siteswebdirectory.comऐसा एक मंदिर जहाँ हो जाते हैं चूहे नतमस्तक - Fadoo Post

इस मंदिर में चूहे भी होते हैं नतमस्तक

चूहे नतमस्तक

भारत चमत्कारों का देश हैं यह किसी न किसी रूप में चमत्कार देखने को मिलते ही रहते हैं. कभी यहाँ भगवान् दूध पीते हैं तो कभी किसी भगवान् के चरणों से पानी निकलता है. कभी कोई सांप शिव के गले में लोटता है तो कहीं भालू रोज आरती में शामिल होने आता है.

भारत में ऐसे कई चमत्कार भरे पड़े हैं. ऐसा ही एक चमत्कार देखने को मिलता हैं राजस्थान की करणी माता के मंदिर में. जिसे चूहों का मंदिर भी कहा जाता है. सुनने में अजीब लगता है न.

बीकानेर से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह मंदिर मुख्यतः काले चूहों के लिए प्रसिद्ध है. यही नही मंदिर में संगमरमर की नक्काशी, सोने का छत्र और चूहों के प्रसाद के लिए रखी ख़ास चांदी की थाल भी दूर दूर से लोग देखने आते हैं

करणी माता और चूहें

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श्रद्धालुओं के अनुसार करणी माता साक्षात् माँ जगदम्बा का अवतार थी. जहाँ आज मंदिर है वहां एक गुफा में वह अपने इष्ट देव की पूजा किया करती थी. उम्र के अनुसार उनके साथ अलग अलग चमत्कारों की घटनाये जुडी हुई हैं.

यहाँ रहने वाले लगभग 20 हज़ार चूहों के बारे में एक लोककथा के अनुसार कहा जाता है कि एक 20000 सैनिको की टुकड़ी लडाई छोड़कर देशनोक आ गयी निराशा के पाप ने उन्हें मृत्यु दंड दिया लेकिन माता करणी ने उनकी जान बचाई पर उन्हें चूहों में बदल दिया. और भविष्य में उसी जगह रहने की पेशकश की सेना ने भी भविष्य में हमेशा माता की सेवा करने का वचन दिया.

शायद इसी वजह से वहां इतनी मात्र में चूहे पाए जाते हैं और ये चूहे किसी को नुकसान भी नहीं पहुंचाते हैं यहाँ तक कि चूहों की वजह से वहां कोई बीमारी भी नहीं फैली है.

सुरक्षा

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संगमरमर से बने इस मंदिर में चूहों की सुरक्षा के लिए मुख्य रूप से जाली की व्यवस्था की गयी हैं ताकि चील, गिद्ध आदि अन्य जानवरों से भी उनकी सुरक्षा की जा सके.

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आरती में धमाचोकड़ी

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चूहे नतमस्तक

यहाँ सुबह और शाम दो टाइम आरती होती है और इस आरती के समय चूहों का हुजूम देखते ही बनता है. इस समय भारी मात्रा में चूहे एकत्र होते हैं और कहा जाता हैं की इन काले चूहों में अगर कोई सफ़ेद चूहा दिख जाए तो यह बहुत शुभ होता है.

संगमरमर की नक्काशी

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बीकानेर के महाराज गंगा सिंह द्वारा 20वी सदी की शुरुआत में इस मंदिर का निर्माण पूर्ण कराया था और उन्होंने इसके लिए चांदी के दरवाजे भी लगवाए. संगमरमर पर की गयी लेट मुग़ल कालीन नक्काशी देखते ही बनती है.

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