siteswebdirectory.comअनसुलझी गुत्थी : 1955 में फ्लाइट ने भरी उड़न और 37 साल बाद की लैंडिंग, जाने क्या है रहस्य.... - फाडू पोस्ट

अनसुलझी गुत्थी : 1955 में फ्लाइट ने भरी उड़न और 37 साल बाद की लैंडिंग, जाने क्या है रहस्य….

source :Book of Research

दोस्तों आपने प्लेन मिसिंग की कई ख़बरें सुनी होंगी पर हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसी ही एक अनसुलझी और रहस्मयी घटना ‘चार्टर प्लेन DC-4’ के कारकास वेंज़ुला  में लैंडिंग  के बारे में.

1992 में एक चार्टर प्लेन DC-4′ के कैरकस वेनेज़ुएला में लैंड हुआ था  पर हैरान कर देने वाली बात तो ये है की 37 साल पहले ये प्लेन  न्यूयॉर्क से मियामी के लिए उड़ा था पर अचानक से रहस्मयी तरीके से रास्ते में  ही गायब हो गया. वेंज़ुला में लैंड करने के कुछ समय बाद ही ये प्लेन वापस उड़न भरता है और फिर से  बादलों मे कहीं अचानक से गायब हो जाता है.

इस घटना का सबूत कैरकस, वेनेज़ुएला इंटरनेशनल एअरपोर्ट के रेडियो कम्युनिकेशन में रिकॉर्ड हुई  पायलट और टावर कंट्रोल के बीच हुई  बात है. इस घटना को एअरपोर्ट कंट्रोल वर्कर ने खुद अपनी आखों से देखा था. और इस घटना का एक और सबूत हैण्ड साइज़ का एक कैलेंडर है जो उस मिस्ट्री प्लेन के कॉ-पायलट ने उड़न भरते समय रनवे पर गिरा दिया था . डिप्टी मिनिस्ट्री ऑफ  सिविल एविएशन रामों एस्टोवर ने बताया कंट्रोल टावर के वर्कर डे ला कोर्ट ने उस प्लेन को देखा था और पायलट की आवाज़ भी सुनी थी. यहाँ तक की उस मिस्ट्री प्लेन के पायलट द्वारा छोड़ा गया कैलेंडर भी उसके हाथ मे था फिर भी उन्हें अपनी आँखों पर विश्वास नही हो रहा था.

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उन्होंने बताया कि मिस्ट्री प्लेन के यात्रियों को यही लग था की वो 1952 में ही हैं उनका प्लेन फ्लोरिडा में ही है उन्हें बिलकुल भी अंदाज़ा नहीं था की वो उस वक़्त वो कहाँ हैं. चौकाने देने वाली बात तो यही थी इतने सालों से ये लोग आखिर थे कहाँ.

इस ट्रैफिक वर्कर के लिए ये बात बड़ी अजीब और अविश्वसनीय थी क्यूंकि उन्होंने जो प्लेन देखा वो काफी समय पुराना था और ये रडार स्किल पर भी नज़र नहीं आ रहा था.

डे ला कोर्ट ने बताया कि जब उन्होंने उस पायलट से उसका नाम पूछा, तो पायलट ने भी उनसे पूछा कि, हम कहाँ हैं उसकी आवाज़ से डर और परेशानी का  पता चल रहा था लेकिन बाद मे पायलट ने बताया कि, यह चार्टर प्लेन 914 है जो जिसमे चार क्रू मेम्बर और 57 यात्री हैं और ये फ्लाइट न्यूयॉर्क से मियामी के लिए है.

पायलट की बात सुनकर पुरे कंट्रोल टावर में सन्नाटा छा गया क्यूंकि फ्लाइट 914 का डेस्टिनेशन पॉइंट कारकास वेज़ुला से 1800 किमी दूर था तभी कंट्रोल रूम ने पायलट से कहा की कारकास वेंज़ुला साउथ अमेरिका हैं. कंट्रोल रूम ने पायलट से पूछा कि क्या आप खो गये हैं पर पायलट की ओर से कोई जवाब नही आया फिर भी पायलट को लैंडिंग की इजाज़त मिल गयी और प्लेन एअरपोर्ट पर लैंड हो गया.

जब सबको लगा की सब कुछ अंडर कंट्रोल है तब पायलट ने अपने को-पायलट से पूछा कि, ये क्या अजीब सी चीज़ है उन्हें ऐसा लगा की ये प्लेन नही स्पेसशिप है. डे ला कोर्ट ने बताया कि, पायलट ने कहा कि ये फ्लाइट मियामी मे सुबह 9.50 पर लैंड होनी थी तब ही उन्होंने कैप्टेन को बताया कि, ये कैरकस वेनेज़ुएला इंटरनेशनल एअरपोर्ट है और आज 21 मई 1992 है.

यह सुनते ही पायलट घबरा गया जैसे वो सासें लेना भूल गया हो तब ही डे ला कोर्ट ने उन्हें शांत करने की कोशिश की और कहा कि, हम आपकी मदद के लिए ग्राउंड क्रू भेज रहे हैं लेकिन जैसे ग्राउंड क्रू प्लेन के पास पहुंचा तब ही प्लेन से पायलट चिल्लाया और कहा , नो डोंट हमारे पास मत आओ हम लोग जा रहे हैं’. ग्राउंड क्रू ने बताया कि , उन्होंने यात्रियों के घबराए हुए चहरे देखें हैं पायलट हाथ हिलाते हुए कह रहा था ‘दूर जाओ, हम जा रहे है’

डे ला कोर्ट का कहना कि, पायलट के हाथ मे एक फाइल थी शायद तब ही कैलेंडर फाइल मे से रनवे पर गिर गया होगा जो बाद मे एअरपोर्ट वर्कर को मिला पायलट ने प्लेन को स्टार्ट किया और प्लेन को उड़ा ले गया बाद में कंट्रोल टावर द्वारा रिकॉर्ड की गयी बातें और कैलेंडर सीक्रेट सर्विस ने जब्त कर लिया सारी घटना के पीछे क्या कारण था ये आज तक किसी को नहीं पता चल सका  . वहीँ कुछ लोगों का कहना है कि ,ये प्लेन टाइम ट्रेवल करके 1955 से 1992 में आ गया था पर ये अब तक अनसुलझी और रहस्मयी गुत्थी ही बनी हुयी है.

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