बेगम अख्तर की याद में गूगल ने बनाया डूडल, जानें उनके बारे में

गुजरे जमाने की मशहूर गायिका बेगम अख्तर का जन्म 7 अक्टूबर 1914 को हुआ था. गज़ल गायकी को पसंद करने वाले बेगम अख्तर के गानों से अच्छी तरह वाकिफ हैं. आज हम आपको दादरा, ठुमरी व गजल में अपना नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज करने वाली बेगम अख्तर के बारे में बताने वाले हैं.

‘मल्लिका-ए-गजल’ कहलाने वाली बेगम अख्तर का आज (7 अक्टूबर ) 103वां जन्‍मदिन है. बेगम अख्तर के बचपन का नाम बिब्‍बी था, जो फैजाबाद के शादीशुदा वकील असगर हुसैन और तवायफ मुश्तरीबाई की बेटी थीं. मुश्तरीबाई को जुड़वा बेटियां पैदा हुई थीं. चार साल की उम्र में दोनों बहनों ने जहरीली मिठाई खा ली थी, इसमें बिब्बी तो बच गईं लेकिन उनकी बहन का देहांत हो गया था.

बेगम अख्तर ने सात साल की उम्र से गाना शुरू कर दिया और 13 साल की उम्र में बिब्बी, अख्तरी बाई हो गई थीं. 15 साल की उम्र में अख्तरी बाई फैजाबादी के नाम से पहली बार मंच पर उतरीं. उन्होंने रोटी फिल्म में एक्टिंग भी की. इस फिल्म के निर्माता महबूब खान थे. यह फिल्म उन्होंने साल 1942 में बनाई थी. उन्होंने 400 गीतों को अपनी आवाज दी.

बेगम अख्तर को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था. 30 अक्टूबर, 1974 को बेगम साहिबा का शरीर दुनिया को अलविदा कह गया. उनके निधन के बाद पार्थिव शरीर उनकी वसीयत के मुताबिक ठाकुरगंज के पास पसंदबाग में अपनी मां के पास ही दफन किया गया.

‘मलिका-ए-गजल’ के नाम से प्रसिद्ध बेगम अख्तर की 103वीं जयंती पर जहां कई गजल प्रेमी उन्‍हें याद कर रहे हैं तो वहीं गूगल ने भी उनके जन्‍मदिन पर एक विशेष डूडल बनाकर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है. इस डूडल में बेगम अख्तर सितार बजाती दिख रही हैं और उनके कुछ प्रशंसक भी उनके पास बैठे नजर आ रहे हैं.

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Brajendra Sharma

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