ओह तेरी ,एस्टेरोइड से लटकी होगी दुनिया की सबसे ऊंची इमारत….

न्यूयॉर्क की आर्किटेक्चर कंपनी क्लाउड्स आर्किटेक्चर ऑफिस ने हॉलीवुड फिल्मों की तरह ही एक ऐसी अनोखी गगनचुंबी इमारत का डिजाइन तैयार किया है, जो दुनिया की सबसे ऊंची इमारत होने के साथ-साथ दूसरी इमारतों से बिल्‍कुल अलग होगी. दरअसल, यह एक ऐसी इमारत है जिसका तल पृथ्वी के वायुमंडल से बाहर एक एस्टेरॉयड पर होगा अर्थात यह बिल्डिंग धरती से 50000 किलोमीटर यानी 31068 मील की दूरी पर स्थित एक एस्टेरॉयड से लटकी होगी.और पृथ्वी का चक्कर लागाएगी.एस्टेरोइड से लटकी होगी दुनिया की सबसे ऊंची इमारत ….

एस्टेरोइड से लटकी होगी दुनिया की सबसे ऊंची इमारत
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यह बिल्डिंग उत्तर से दक्षिण में 8 के पैटर्न में घूमती रहेगी इस दौरान यह कई देशों के मुख्य शहरों के ऊपर से होकर गुजरेगी. इस इमारत में रहने, खरीदारी और मनोरंजन करने के लिए भी उचित व्यवस्था होगी और इसमें रहने वाले लोगों को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाती रहेगी. कंपनी ने इसको ऐनालेमा टावर का नाम दिया गया है जो की इस तरह रहने के आवास बनाने की पद्धति का नाम है.

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एस्टेरोइड से लटकी होगी दुनिया की सबसे ऊंची इमारत
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यह बिल्डिंग जमीन से आसमान की ओर नहीं, बल्कि आसमान से जमीन की ओर होगी. दुबई के ऊपर इस बिल्डिंग को बनाने का प्रस्ताव दिया गया है, क्योंकि दुबई शहर पहले से ही ऊंची बिल्डिंगों के लिए विख्यात है .न्यूयॉर्क के मुकाबले दुबई में बेहद कम लागत में ऐसी इमारतें बनाई जा सकती हैं, इसलिए ऐनालेमा टावर का निर्माण दुबई में किया जाएगा. इसके बाद न्यूयॉर्क ले जाया जाएगा. वहीं से इसे एस्टेरॉयड से भी बांधा जाएगा.

एस्टेरोइड से लटकी होगी दुनिया की सबसे ऊंची इमारत ….

एस्टेरोइड से लटकी होगी दुनिया की सबसे ऊंची इमारत
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इस इमारत को युनिवर्सल ऑर्बिटल सपोर्ट सिस्टम को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाएगा. इमारत मजबूत केबल्स के सहारे एस्टेरॉयड से बंधी होगी. जिसे जियोसिंक्रोनस कक्षा में स्थापित किया जाएगा. इससे यह पृथ्वी की गति के समान घूम पाएगी.यह इमारत पृथ्वी तल से लगभग 8 किलोमीटर ऊपर चक्कर लगाएगी इसमें रहना माउंट एवरेस्ट पर रहने जैसा होगा तथा इसमें बैठा आदमी लगभग 300 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से पृथ्वी के चारों ओर घूम रहा होगा.  इमारत के ऊपरी तल पर दिन की अवधि पृथ्वी तल के मुकाबले 45 मिनट अधिक होगी एवं तापमान भी -40 डिग्री सेल्सियस कम होगा जिससे इसमें रहने वाले लोगों को विशेष पोशाकें पहनना होगा. इसके अलाबा इसमें आकार बदलने वाली खिड़कियां लगाई जाएगी जो दाब व तापमान के अनुसार छोटी-बड़ी हो जाएगी.

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एस्टेरोइड से लटकी होगी दुनिया की सबसे ऊंची इमारत
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यह कंपनी इससे पहले मार्श हाउस और क्लाउड सिटी का प्रस्ताव भी रख चुकी है. अब इस फर्म ने अपना नया डिजाइन सार्वजनिक किया है. इस बिल्डिंग में रहने वालों को बरसात और बादलों से पानी मिलेगा.

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एस्टेरोइड से लटकी होगी दुनिया की सबसे ऊंची इमारत
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वहीं सोलर एनर्जी से बिजली बनाई जाएगी इसलिए इसमें बड़ी संख्या में सोलर पैनल भी लगाने का प्रस्ताव है तथा इसका वार्षिक मरम्मत का खर्चा भी लगभग 40 करोड़ अमेरिकन डॉलर होगा.वहीँ नासा का अनुमान है कि किसी क्षुद्र गृह को पृथ्वी कि कक्षा मे पुनर्निर्देशित करने की लगत तक़रीबन 1.25 अरब डॉलर होगी.

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