नवरात्र में इस उम्र की कन्या में होता हैं माँ का ये रूप

21 सितंबर से आरंभ होकर 30 सितंबर तक चलने वाले शारदीय नवरात्र इस बार हस्त नक्षत्र में प्रारंभ हो रहे हैं जो बहुत शुभ होंगे. इस उपलक्ष्य में आज हम आपको बताने वाले हैं कि नवरात्र में किस उम्र की कन्या में होता है माँ का कौन सा रूप और किस दिन होती है कौन सी माँ की पूजन.

आपको बता दें कि नवरात्र के नौ दिनों में मां के 9 रूपों की पूजा होती है जो 21 से लेकर 29 सितम्बर तक होगी. सबसे पहले नवरात्र के प्रथम दिन 21 सितंबर को मां शैलपुत्री की पूजा, 22 सितंबर को मां ब्रह्मचारिणी की, 23 सितंबर को मां चन्द्रघंटा की, 24 सितंबर के दिन मां कूष्मांडा की, 25 सितंबर को मां स्कंदमाता की, 26 सितंबर को मां कात्यायनी की और 27 सितंबर को मां कालरात्रि की पूजा संपन्न की जाएगी. इसके बाद 28 सितंबर को अष्टमी मनाई जाएगी और इस दिन मां महागौरी की पूजा और 29 को महानवमी होगी और इस दिन मां सिद्धदात्री की पूजा और कन्या पूजन होगा.

शास्त्रों में कहा गया है कि नौ देवियों के रूप में अष्टमी या नवमी के दिन व्रत का परायण करने से पहले नौ कन्याओं का पूजन करना चाहिए. दरअसल ये नौ कन्याएं नौ देवियों का ही रूप हैं, हर कन्या एक देवी का रूप है. लेकिन हम आपको बताने वाले कि आपको किस उम्र की कन्या की पूजन करने से मिलेगा माँ के किस रूप का आशीर्वाद.

आपको बता दें की नवरात्र में दो साल की बच्ची कुमारी, तीन साल की त्रिमूर्ति, चार साल की कल्याणी, पांच साल की रोहिणी, छ: साल की कालिका, सात साल की चंडिका, आठ साल की शाम्भवी, नौ साल की दुर्गा और दस साल की कन्या माँ सुभद्रा का स्वरूप होती हैं. यदि आपको माँ का आशीर्वाद प्राप्त करना हो तो कन्याओं का विधिवत पूजन करें और प्रसाद वितरित करें. इस बात का ध्यान रखें कि कन्याओं की उम्र दस साल से ज्यादा न हो.

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Brajendra Sharma

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