दिल्ली चिड़ियाघर में ”रीता” का ग्रैंड बर्थडे मनाने की तैयारी

दिल्ली के चिड़ियाघर में 56 वर्षों में पहली बार रीता नाम की चिम्पांजी को उसके जन्मदिन पर ग्रैंड पार्टी मिल रही है. यह कोई नहीं जानता कि रीता का जन्म कब हुआ था. रीता चिड़ियाघर की सबसे उम्रदराज प्राणी है और इकलौती चिम्पांजी है.

एम्स्टर्डम

उसे वर्ष 1964 में एम्स्टर्डम से राष्ट्रीय राजधानी लाया गया था. उम्रदराज होने के कारण शायद अब यह चिम्पांजी लोगों को आकर्षित नहीं कर पाती लेकिन चिड़ियाघर के सबसे पुराने सदस्य और ‘मनुष्य जैसे’ लक्षणों के कारण वह कई लोगों की लाडली है.राष्ट्रीय प्राणी उद्यान के संयुक्त निदेशक राजा राम सिंह ने कहा, सबसे उम्रदराज होने के कारण वह पार्क का सबसे अहम हिस्सा है.

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मनुष्य की छबि

वह मनुष्यों की तरह कई प्रवृतियां दिखाती है. उदाहरण के लिए वह दर्शकों से बात करना चाहती है लेकिन उम्र अधिक होने के कारण ऐसा कर नहीं पाती. अधिकारी ने कहा कि यह जन्मदिन के जश्न से ज्यादा होगा. उन्होंने दर्शकों को ‘भावुक और ज्ञानवर्धक’ अनुभव देने का वादा किया. रीता चिड़ियाघर में अपनी तरह की आखिरी प्राणी है. उसके साथी मैक्स को जयपुर चिड़ियाघर को दे दिया गया था.

कुछ वर्षों पहले उसने तीन शिशु चिम्पांजियों को जन्म दिया था लेकिन कोई भी जीवित नहीं बचा.सिंह ने कहा कि उम्र के कारण चिम्पांजी के खान-पान में कमी आई है. हालांकि उसे कोई बीमारी नहीं है. अधिकारी ने इस साल के आखिर में निर्धारित जन्मदिन की ग्रैंड पार्टी के बारे में बात करते हुए कहा कि इसका मकसद लोगों को वन्यजीव संरक्षण के बारे में जागरूक करना है. चिड़ियाघर में जीव विज्ञान सहायक मनोज ने बताया कि चिम्पांजीका जन्म कैद में हुआ था और उसे 15 दिसंबर 1964 को यहां लाया गया था.

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