नाकामयाबियों से समझोता करना सीख लिया है – ऋतिक

अपनी पिछली रिलीज़ फिल्म “मोहनजो दाड़ो” के असफल होने के बाद स्टार ऋतिक रोशन का कहना हैं। कि उन्होंने नाकामयाबी से सुलह करना सीख लिया है।

अपनी पहली ही फ़िल्म से लोगों के दिलों पर छा जाने वाले ऋतिक ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि बॉलीवुड में नाकामी और कामयाबी दोनों ही मिलते हैं और उन्होंने समझ लिया है कि वे दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।

एक दशक तक फ़िल्म उद्योग में अपना जलवा बिखेरने वाले रोशन ने कहा, “सच को स्वीकार करना बेहतर है. सच जानने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि नतीजा आने दे। मुझे अपनी नाकामियों से समझौता करना पड़ा, आपको यह सीखना होता है।”

ऋतिक रोशन

उन्होंने आगे कहा, “मैं नतीजों से कभी निराश नहीं होता हूं क्योंकि मैं जागरूक इंसान हूं। फ़िल्म की पहली कॉपी देख कर ही मैं उसका नतीजा भांप लेता हूं और उसे स्वीकार कर लेता हूं।”

ऋतिक ख़ुद को ‘स्टार’ नहीं मानते। उन्होंने बातचीत में कहा, “मैं कभी मोहभंग की स्थिति में नहीं रहा। मैं बहुत ही सुरक्षित इंसान हूं। जब मेरा भ्रम टूटा तो पता चला कि मैं कहां खड़ा हूं। मैं अपने को बड़ा स्टार नहीं मानता।”

“काबिल” का इंतज़ार

ऋतिक अभी अपनी अगली रिलीज़ होने वाली फिल्म “काबिल” के इंतज़ार मे हैं। इसी हफ्ते रिलीज़ होने वाली इस फिल्म मे ऋतिक को काफी मेहनत करनी पड़ी।

ऋतिक- यामी काबिल मे

उन्होंने कहा हैं, “क़ाबिल में मुझे अभिनय का अपना पुराना तरीका छोड़ना पड़ा। हर अभिनेता का अपना तरीका होता है। इस फ़िल्म में मैंने ऐसा कुछ किया जो ऋतिक रोशन का तरीका नहीं रहा है। मैंने अपने साथ ही प्रयोग करने की कोशिश की है।”

संजय गुप्ता इस फ़िल्म के निर्देशक और यामी गुप्ता हीरोइन हैं। फ़िल्म में हीरो और हीरोइन दृष्टिहीन जोड़े की भूमिका में हैं।

ऋतिक यामी इन काबिल

ऋतिक ने यामी की तारीफ़ करते हुए कहा कि उन्होंने जिन अभिनेत्रियों के साथ काम किया है, वे उनमें सबसे अच्छी अभिनेत्रियों में एक हैं।

source : bbc.com

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