रेलवे का निजीकरण शुरू , भोपाल में होगा भारत का पहला निजी रेल स्टेशन

अपनी सबसे बड़ी परियोजनों में केंद्र सरकार और भारतीय रेलवे मिलकर रेलवे को निजी क्षेत्र में लाने का प्रयास कर रहे हैं जिसमें फ़िलहाल भारत के सिर्फ़ 23  रेलवे स्टेशनों को निजी करने का फ़ैसला लिया है. भोपाल में होगा भारत का पहला निजी रेल स्टेशन

अब निजी क्षेत्र की कंपनी ने लिया स्टेशनों के रख-रखा का ज़िम्मा

भोपाल बना भारत का पहला निजी रेल स्टेशन

रेलवे की नई परियोजना पब्लिक- प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत स्टेशनों का विकास होगा जिसकी घोषणा इंडियन रेलवे स्टेशन्स डिवेलपमेंट कॉर्पोरेशन ने की है . रेलवे भारत के 23  रेलवे स्टेशनों को निजी कंपनियों के हाथ सौंफ़ रहा है. इन स्‍टेशनों की नीलामी से सरकार को तकरीबन 4,000 करोड़ रुपए मिलने की उम्‍मीद है। वहीं इन स्‍टेशनों के विकास पर 30,000 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है .

भोपाल में होगा भारत का पहला निजी रेल स्टेशन

मध्य प्रदेश की कंपनी बंसल ग्रुप को इस रेलवे स्टेशन के संचालन का ठेका मिला है.अब हबीबगंज स्टेशन का विकास पब्लिक- प्राइवेट पार्टनरशिप में किया जाएगा, इसके साथ ही हबीबगंज निजी साझेदारी के तहत विकसित होने वाला देश का पहला स्टेशन होगा.

अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार किया जाएगा स्टेशनों का विकास

इंडियन रेलवे स्टेशन्स डिवेलपमेंट कॉर्पोरेशन ने घोषणा की है कि हबीबगंज स्टेशन का विकास अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार किया जाएगा.स्टेशन के विकास के लिए लोकल कंपनी बंसल ग्रुप को ठेका दिया गया है। इसी ग्रुप को 8 साल के लिए स्टेशन के निर्माण, रख-रखाव और ऑपरेट करने का जिम्मा दिया गया है. कंपनी को स्टेशन की जमीन के 45 वर्षों की लीज पर मिली है.

स्टेशनों के विकास के लिए किया जा रहा है भारी निवेश

स्टेशन को आधुनिक बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. स्टेशन के आसपास की जमीन के कमर्शल डिवेलपमेंट के लिए 350 करोड़ रुपये का फंड रखा गया है.

मिलेगी वैश्विक स्तर की सुविधाएँ

भारतीय रेलवे को विश्व की सबसे बेहतर सेवा बनाने के लिए सरकार ने यह अहम् फ़ैसला लिया है जिसमें रेल स्टेशनों पर वैश्विक स्तर सुविधाएँ मुहैया कराई जाएँगी. निजी कंपनियों को स्‍टेशन के आसपास की जमीन विकसित करने के लिए दी जाएगी. जहां वह होटल, मॉल, मल्‍टीप्‍लेक्‍स और अन्‍य कॉमर्शियल यूनिट बनाएंगी. इसके अलावा वे स्‍टेशन के प्‍लेटफॉर्म और लाउंज को उन्‍नत कर उन्‍हें विश्‍व स्‍तरीय सुविधायुक्‍त बनाएंगी.स्‍टेशन पर फूड स्‍टॉल, रिटायरिंग रूम्‍स, प्‍ले एरिया भी निजी कंपनियों द्वारा विकसित किया जाएगा.

रेलवे करेगा अपना काम

निजी कंपनियों को रेलवे स्टेशन लीच पर दिए जाने का मतलब यह नहीं कि रेलवे का सारा काम निजी कंपनियों के हाथ आ जायेगा . रेलवे इन स्‍टेशनों पर टिकटिंग, सुरक्षा, पार्सल सर्विस और ट्रेनों के संचालन की जिम्‍मेदारी पहले की तरह ही संभालती रहेगी.

28 जून को होगी इन् स्टेशनों की नीलामी

28 जून से पहले चरण के स्टेशनों की नीलामी होगी जिसमें कानपुर सेंट्रल, इलाहाबाद, उदयपुर, चेन्‍नई सेंट्रल, बेंगलुरु, लोकमान्‍य तिलक (टर्मिनस) मुंबई, पुणे, थाणे, विशाखापट्नम, हावड़ा, कामाख्‍या, फरीदाबाद, जम्‍मू तवि, बैंगलोर छावनी, भोपाल, मुंबई सेंट्रल (मुख्‍य), बोरीवली और इंदौर आदि हैं.

 

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Rajdeep Raghuwanshi

नमस्ते , मैं एक प्रोफेशनल ब्लॉगर हूँ और मुझे एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और ह्यूमर पर लिखना पसंद है !

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