विरोध के स्वर में पद्मिनी महल के बाहर का शिलालेख कपडे से ढंका

फिल्म पद्मावती के बढ़ते विरोध और करणी सेना की धमकियों के बाद भारतीय पुरातत्व विभाग ने पद्मिनी महल के बाहर के शिलालेख को लाल कपडे से ढंक दिया है. करणी सेना ने इस शिलापट्ट को हटाने की मांग की थी. असल में इस शिलालेख पर लिखा है कि पद्मिनी महल ही वो स्थान है जहां पर अलाउद्दीन खिलजी ने राजपूत महारानी पद्मिनी की एक झलक देखी थी.

पद्मावती
source: biographic

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार इस शिलालेख को जोधपुर स्थित रिजनल ऑफिस की सहमति के बाद ही ढंका गया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह बताया कि पूरे किले में यह एकमात्र ऐसी जगह है जहाँ पर यह लिखा गया है कि खिलजी ने रानी पद्मिनी को देखा था. वहीँ करणी सेना इस तरह के किसी भी तथ्य को हटाने की बात  कह रही है जिसमें इस तरह की बात का कोई ज़िक्र हो.

source: nai duniya

वहीँ राजपूत समुदाय पद्मिनी महल में लगे आइनों को हटाने की भी मांग कर रहे हैं, वहीँ महल के गाइडो से भी इस तरह की  किसी भी बात का सैलानियों से ज़िक्र करने के लिए मना किया है. आइनों के लिए मिली धमकियों को पहले एएसआई ने तवज्जो नहीं दी लेकिन फिर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा महल के शीशे तोड़ दिए गये, इसके बाद पद्मिनी महल को बंद कर दिया गया है.

यह भी पढ़ें: जब मिस वर्ल्ड मानुषी ने क्या नगाड़े संग ढोल पर डांस

पद्मावती के विवाद ने इतना विकराल रूप ले लिया है की फिल्म की रिलीज़ भी अनिश्चित काल के लिए टल गयी है, खबर है कि फिल्म ब्रिटेन में रिलीज़ होने वाली है जिसके चलते वहां के राजपूतों ने भी इसका विरोध जताया है.

loading...
Skip to toolbar