कश्मीरी सिपाई के नाम पत्नी खुला पत्र, बोली – पत्नियां अपने बच्चों को सिंगल पेरेंट्स की तरह पालती हैं

श्रीनगर :  कश्मीर घाटी में तैनात एक सिपाही की पत्नी उसे खुला खत दिखा है. विरह की पीड़ा से भरे इस मार्मिक खत को पढ़कर हर कोई भावुक हो सकता है. सिपाही की पत्नी आरिफा तौसिफ ने एक स्थानीय न्यूज़ वेबसाइट को अपना खुला खत लिखा. इस खत में आरिफा ने अपना दर्द बयां करते हुए लिखा है कि पुलिसकर्मियों की पत्नियां अपने बच्चों को सिंगल पेरेंट्स की तरह पालती हैं. जब पति ड्यूटी पर होते हैं तो मदद करने के लिए कोई साथ नहीं होता और पति के साथ रहना तो सपने जैसा होता है.

आरिफा ये भी लिखती हैं, “पति के इंतजार में अक्सर लंच नहीं करते। रात को भी घंटों डिनर के लिए बैठे रहते हैं. हम किसी भी फैमिली फंक्शन में पति के साथ जा ही नहीं पाते। बाहर जाने का सिर्फ प्लान ही बनता है. दुनिया में सबसे ज्यादा झूठ सिपाहियों की पत्नियां ही बोलती हैं. जब भी बच्चे पिता के घर आने के बारे में पूछते हैं तो वे कहती हैं कि पापा संडे या त्योहार पर जरूर आएंगे. कहते हैं कि पापा इस बार पैरेंट्स-टीचर मीटिंग में जरूर शामिल होंगे. उनके साथ पिकनिक पर जाएंगे। पापा इस बार ईद या शादी में जरूर साथ चलेंगे, लेकिन ऐसा होता नहीं है.”

हमारा काम इंतजार, इंतजार, सिर्फ इंतजार: आरिफा के मुताबिक, “अकेले सोना ज्यादा तनावपूर्ण नहीं है, लेकिन आधी रात में अकेले जागना ज्यादा तकलीफदेह, बेचैन करने वाला और दम घोंटने जैसा होता है. हम इंतजार, इंतजार और सिर्फ इंतजार करते रहते हैं. यह क्रम आज, कल और लगातार चलता रहता है, लेकिन हमारा साथ कभी-कभी ही होता है. एक पुलिसकर्मी अपने घर बहुत कम आ पाता है, लेकिन वह बिना किसी शिकायत के अपना कर्तव्य बखूबी निभाता है.”

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