siteswebdirectory.comजाने आपके महंगे जींस का इतिहास, और कैसे पड़ा डेनिम नाम ................

जाने, आपका महंगा जींस आपसे पहले कौन पहनता था ……

आज हर कोई जींस शर्ट पहने घूमता है और यह आज के समय में सबसे ज्यादा प्रचलित भी है.आज केवल युवा वर्ग ही नहीं  बल्कि सभी वर्ग के लोग जींस पहने नज़र आते हैं. यहाँ तक कि जींस पहनावे का प्रचलन आज सबसे ज्यादा लड़कियों में देखा जा सकता है.  आज मुख्यतः  बड़े शहरों में  जींस पेंट, शर्ट, जैकेट, शॉर्ट्स जैसे पहनावे में लड़कियों का अकेला  घूमना आम बात है .  पर क्या आपको पता है आप जो मंहगा जींस पहन रहे हैं वो कितनी पुराना  है मतलब उसका इतिहास क्या है ? शायद ही आपने इस बारे में सोचा होगा तो चलिए हम आपको बताते हैं आपके मंहगे जींस का इतिहास.

जींस का इतिहास ….

दरअसल, हम जो जींस पहन रहे है वो दशकों पुराना नहीं बल्कि सदियों पुराना है और आपको यह जानकर हैरानी भी होगी की जो जींस हमारा फेवरेट है वो किसी ज़माने में मजदूरों का कपड़ा समझा जाता था.

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जाने, जींस का इतिहास …

कैसे पड़ा नाम जींस ?

इसका अविष्कार 19 वीं सदी में फ्रांस के शहर NIMES में हुआ था, जिस कपडे से जीन्स बनी है उसे फ्रेंच में  “Serge” कहते हैं और इसका नाम पड़ा गया “Serge de Nimes” फिर लोगो ने इसको शोर्ट कर दिया और ये हो गई Denims धीरे धीरे डेनिम्स पूरे यूरोप में पॉपुलर हो गई और इसको सबसे ज्यादा नाविक लोग पसंद करते थे इन्होने सेलर्स को सम्मान देने के लिए एक निकनेम दिया- जो था जीन्स.

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जाने, जींस का इतिहास …

जीन्स का रंग नीला क्यों होता है ?

पहली जीन्स नीले रंग में ही बनाई गई थी, शुरू में जीन्स मजदूरों और मेहनती लोगो द्वारा ही पहनी जाती थी इनके कपडे जल्दी गंदे हो जाते थे कपडे गंदे होने पर भी गंदे न दिखे इसलिए इनका रंग नीला रखा गया.

जाने, जींस का इतिहास …

जीन्स चैन पर YKK क्यूँ लिखा होता है?

अधिकतर जीन्स की चैन पर YKK लिखा होता है “Yoshida Kogyo Kabushikikaisha” इसका मतलब है ये एक जापानी कंपनी है जो दुनियाभर के ज्यादातर जीन्स ब्रांड्स के लिए चैन बनती है.

जाने, जींस का इतिहास …

जीन्स में छोटी जेब क्यों होती है ?

जींस के इतिहास से लेकर अब तक इस छोटी सी पॉकेट का बड़ा नाम रहा है. आज ज्यादातर लोगों को इसके बारे में शायद ही कुछ पता हो. ये छोटी सी जेब घडी रखने के लिए जींस में लगाई गयी थी , पहले के लोग पॉकेट वाच रखते थे. पॉपुलर जीन्स ब्रांड Levi’s ने इस बात की पुष्टि की है कि यह जेब पॉकेट वाच के लिए बनाई गई थी ये जेब 1879 में बनाई गई जीन्स में भी थी.

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जीन्स में मेटल बटन क्यों होते हैं ?

जितना पुराना जींस का इतिहास है उतना ही पुराना इसमें लगे इन बटन्स का . यह बटन सिर्फ फैशन के लिए नहीं लगाये गए थे बल्कि जन्स को फटने से बचाने के लिए लगाये गए थे. जैसा की आप जान चुकें हैं कि जीन्स पहले मजदूर लोग पहना करते थे. इनके मेहनत भरे काम की वजह से इनकी जेबे जल्दी फट जाया करती थी. इसीलिए जेबों पर मेटल के बटन लगाये गए, ये बटन सबसे पहले अमेरिका के Jacob Davis नाम के दर्जी ने लगाये थे.

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जाने, जींस का इतिहास …

अब जाने, जींस का इतिहास विस्तार से…..

भारत में डेनिम से बने ट्राउजर्स डूंगा के नाविक पहना करते थे, जिन्हें डूंगरीज के नाम से जाना जाता था। वहीं, फ्रांस में गेनोइज नेवी के वर्कर जींस को बतौर यूनिफॉर्म पहनते थे। उनके लिए जींस का फैब्रिक उनके काम के मुताबिक परफेक्ट था। जींस को ब्लू कलर में रंगने के लिए इंडिगो डाई का इस्तेमाल किया जाता था। हालांकि 16 वीं शताब्दी में जींस के चलन ने ज्यादा जोर पकड़ा, लेकिन बाकी देशों तक अपनी पहुंच बनाने में इसे काफी समय लग गया।

1850 तक जींस काफी पॉप्युलर हो चुकी थी। इस दौरान एक जर्मन व्यापारी लेवी स्ट्रॉस ने कैलिफोर्निया में जींस पर अपना नाम छापकर बेचना शुरू किया। वहां एक टेलर जेकब डेविस उसका सबसे पहला कस्टमर बना। वह काफी दिन तक उससे जींस खरीदता रहा और उसने भी उन्हें लोगों को बेचना शुरू कर दिया। वहां कोयले की खान में काम करने वाले मजदूर इसे ज्यादा खरीदते, क्योंकि इसका कपड़ा बाकी फैब्रिक से थोड़ा मोटा था, जो उनके लिए काफी आरामदायक था।

एक दिन डेविस ने स्ट्रॉस से कहा कि क्यों न हम दोनों मिलकर इसका एक बड़ा बिजनस शुरू करें। स्ट्रॉस को डेविस का प्रपोजल काफी पसंद आया। इस तरह उन्होंने जींस के लिए यूएस पेटेंट ले लिया और फिर जींस का उत्पादन बड़े पैमाने पर शुरू कर दिया।

दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका की फैक्टिरियों में काम करने वाले वर्कर्स इसे पहना करते थे। और तो और यह उनकी यूनिफॉर्म में शामिल कर दी गई थी। पुरुषों के लिए बनी जींस में जिप फ्रंट में नीचे की तरफ लगाई जाती थी, वहीं महिलाओं के लिए बनी जींस में इसे साइड में लगाया जाता था। स्पेन और चीन में वहां के कॉउबॉय वर्कर्स जींस कैरी किया करते थे। वक्त के साथ जींस में नए-नए चेंज आने लगे। इसी के तहत अमेरिकन नेवी में बूट कट जींस को वर्कर्स की यूनिफॉर्म बनाया गया।

यह तो रही इसके इतिहास की बात, चलो अब हम आपको बताते हैं कि यह फैशन में किस तरह आई। दरअसल, 1950 में जेम्स डीन ने एक हॉलिवुड फिल्म ‘रेबल विदाउट अ कॉज’ बनाई, जिसमें उन्होंने पहली बार जींस को बतौर फैशन यूज किया। इस फिल्म को देखने के बाद अमेरिका के टीन एजर्स और यूथ में जींस का ट्रेंड काफी पॉप्युलर हो गया। इसकी लोकप्रियता कम करने के लिए अमेरिका में रेस्तरां, थियेटर्स और स्कूल में जींस पहनकर जाने पर बैन भी लगा दिया गया, फिर भी जींस का फैशन यूथ के सिर पर ऐसा चढ़ा की फिर उतरा ही नहीं।

धीरे-धीरे जींस की लोकप्रियता बढ़ने लगी और 1970 में इसे फैशन के तौर पर स्वीकार कर लिया गया। तब से अब तक जींस का क्रेज हर तबके के लोगों के सिर पर चढ़कर बोल रहा है, फिर चाहे वह अमीर, गरीब, बच्चा, बूढ़ा या फिर जवान कोई भी हो।

 

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Rajdeep Raghuwanshi

नमस्ते , मैं एक प्रोफेशनल ब्लॉगर हूँ और मुझे एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और ह्यूमर पर लिखना पसंद है !

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