siteswebdirectory.com#Metoo कैंपेन पर बोली टीवी की बबिता जी - Fadoo Post

#Metoo कैंपेन पर बोली टीवी की बबिता जी

हॉलीवुड एक्ट्रेस एलिसा मिलानो के #Metoo कैंपेन के तहत दुनियाभर की महिलाये अपने ऊपर हुए योन उत्पीड़न के बारे में सोशल मीडिया पर खुलकर चर्चा कर रहीं हैं. इसी कैंपेन के तहत कॉमेडियन मल्लिका दुआ अपने साथ बचपन में हुई ऐसी ही एक घटना का खुलासा कर चुकी हैं और अब एक और टीवी सेलीब्रिटी मुनमुन दत्ता  ने अपने साथ हुए ऐसे वाकये को दुनिया के सामने रखा है.

#Metoo
source: instagram

अपना पोस्‍ट शेयर करते हुए मुनमुन दत्ता ने लिखा है, ‘#Metoo… हां मैं भी.. इस तरह की समस्‍या पर पोस्‍ट शेयर करना, यौन शोषण के खिलाफ दुनियाभर में चल रहे इस कैंपेन से जुड़ना और इसे झेल चुकी हर महिला के साथ अपनी सहानुभूति दिखाने से ही यह बात साफ होती है कि यह समस्‍या कितनी बड़ी है. मैं अचंभित हूं कि कुछ अच्‍छे ‘मर्द’ यह देख कर हैरान हैं कि इतनी ज्‍यादा संख्‍या में ऐसी महिलाएं ऐसी घटनाओं पर बात कर रही हैं. नहीं, आपको आश्‍चर्यचकित नहीं होना चाहिए. यह आप सब की नाक के नीचे हो रहा था, आप ही के घर में, आप ही की बहनों, बेटियों, माओं, पत्नियों और यहां तक की मेड तक के साथ. उनका विश्‍वास जीतें और उनसे पूछें. आप उनका जवाब सुनकर दंग रह जाएंगे.’

 

#MeToo …… Yes …. #Metoo ….. Sharing a post like this and joining the global awareness on sexual assaults on women all over the world and showing solidarity to each and every woman who sailed on the same boat , shows the magnitude of the problem. M surprised that some ‘good ‘ men are shocked to see the number of women who have come out and shared their #metoo experiences. NO DON’T BE. This is happening in your own backyard, in your own house, with your own sister, daughter , mother, wife or even your maid … Gain their trusts and ask them. You will be surprised at their answers.. You will be surprised with their stories.. Writing something like this brings me to tears reliving those memories as a little girl when I was scared of the neighbourhood uncle and his prying eyes who at any given opportunity would grope me and threaten me not to speak about this to anyone ….. OR my much older cousins who would eye me differently than their own daughters …. OR the man who saw me at the hospital when I was born and 13 years later he thought it’s appropriate for him to touch my body because I was a growing teenager and my body had changed…. OR my tuition teacher who had his hands in my underpants ……. OR this another teacher , whom I tied Rakhi to, would scold the female students in the class by pulling their bra straps and slapping on their breasts …. . OR that man in the train station who gropes U … Why ?? Because you’re too young and scared to speak up. So scared that you can feel your stomach getting twisted inside and throat getting choked up … you don’t know how are you going to explain it to your parents or you’re too shy to utter a word to anyone …. And then you start developing that deep rooted hatred towards men … Because you know they’re the culprit who made you feel this way.. That disgusting, twisted feeling inside which takes years to overcome …. M happy to be another voice joining this movement and make people realise that I was not spared either. But TODAY I will rip apart any man who even remotely tries anything on me. I AM PROUD OF WHO I AM ..

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मुनमुन ने लिखा, ‘ऐसा कुछ लिखते हुए मेरी आंखों में आंसू आ रहे हैं. ऐसा कर के मैं वापस बचपन की उन यादों को जी रही हूं, जब मैं अपने नजदीक में रहने वाले एक अंकल से डरती थीं, क्‍योंकि उन्‍हें जब भी मौका मिलता था वह मुझे जकड़ लेते थे और धमकी देते थे कि मैं यह बात किसी को न बतायूं…  या मुझसे उम्र में कहीं ज्‍यादा बड़े कजिन, जो अपनी खुद की बेटियों से अलग तरह की निगाह से मुझे देखते थे… या वह आदमी जिसने मुझे अस्‍पताल में पैदा होते हुए देखा था और बाद में जब मैं 13 साल की थी तो उसने मुझे छूना सही समझा क्‍योंकि मैं एक टीनेजर थी और मेरे शरीर में बदलाव हो रहे थे…  या मेरा ट्यूशन टीचर जिसने मुझे नीचे हाथ लगाया था…  या वह टीचर जिसे मैंने राखी बांधी थी, जो अपनी फीमेल स्‍टूडेंट्स को उनकी ब्रा का स्‍ट्रैप पकड़ कर खींचता था और लड़कियों के स्‍तन पर थप्‍पड़ मारता था… या ट्रेन में मिला वह आदमी जिसने तुम्‍हें जकड़ लिया था.. क्‍यों ???  क्‍योंकि आप इतनी छोटी थीं और डरी हुई थीं कि कुछ कह ही नहीं पायीं. इतनी डरी हुई कि आप अपने पेट में एक अजीब सी मरोड़ महसूस करती हैं और आपका गला डर के मारे सूख जाता है…  आप समझ नहीं पाती कि आप अपने पेरंट्स को यह कैसे बताएंगी या आप शर्म के मारे यह किसी को बता ही नहीं पाती हैं. और तब‍ आपके भीतर मर्दों को लेकर एक अजीब सी नफरत पैदा होने लगती है, क्‍योंकि आपको लगता है कि यही वह अपराधी हैं जिनकी वजह से आपको यह महसूस करना पड़ा है. एक ऐसी भावना, जिससे बाहर आने में आपको सालों लग जाते हैं.’

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मुनमुन ने इस कैंपेन से जुड़ने की बात पर लिखा, ‘मैं बहुत गर्व महसूस कर रही हूं कि मैं भी इस कैंपेन से जुड़ने वाली एक आवाज बनी हूं और लोगों तक यह संदेश पहुंचा रही हूं कि मुझे भी नहीं छोड़ा गया. लेकिन आज में किसी भी मर्द को सबक सिखा सकती हूं जो दूर से भी मेरे साथ कुछ करने की सोचे. मुझे अपने आप पर गर्व है…’

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