अब भारत भी जायेगा नरक देखने, जाने कब…..

पूरी दुनिया में शीतयुद्ध छिड़ा हुआ है हर देश इस होड़ में आगे निकलना चाहता है चाह बात पृथ्वी पर अपना प्रभुत्व ज़माने की हो या अन्तरिक्ष में. इस प्रतिस्पर्धा में भारत भी बहुत पहले से अपने आप को साबित करने में लगा हुआ है. अब भारत अन्तरिक्ष में भी अपनी पैठ जमा रहा है इसी लिए वह लगातार अपने अन्तरिक्ष बजट में वृद्धि कर रहा है और अब अन्तरिक्ष एजेंसी इसरो एक नये अंतरग्रही मिशन की तैयारी में है. इसरो अब नरक कहे जाने वाले शुक्र गृह के कक्ष में पहुंचना चाहता है.indian venus mission

indian venus mission :

क्यों कहा जाता है शुक्र को नरक

indian venus mission
Image Source : universetoday.com

ये भी पढ़ें पलभर में ही आखों ओझल से हो जाता है ये प्लेन

वीनस, सूर्य के नजदीक दूसरा गृह है और इसके पास बहुत ही सघन वायुमंडल है चूँकि यह सूर्य से बहुत निकट है इसलिए सूर्य से निकलने वाली गर्मी वीनस को बहुत अधिक गर्म कर देती है जिससे वहां की सतह पर स्थित पानी वाष्प बनकर वायुमंडल में मिल गया इतना ही नहीं वायुदाब और गर्मी के कारण सतह भी पिघल गयी है और कई सौ ज्वालामुखी शुक्र की सतह पर सक्रिय अवस्था में है जिनसे निकलनेवाली हाइड्रोजन और सल्फ़र मिश्रित गैसेस वायुमंडल को और भी दूषित कर देती है. ये गैसें वायुमंडल में संगठित होकर कई तरह के यौगिक बना लेती है जिससे वहां एसिड रैन होती है जो रही सही कसर पूरी कर देती है. इसके अलावा वीनस की सतह का तापमान 1500 डिग्री सेल्सियस और वायुमंडल का तापमान लगभग 450 डिग्री सेल्सियस है.indian venus mission

ये भी पढ़ें आईबीपीएस आरआरबी में निकले 14192 पद, जल्द करें आवेदन

indian venus mission
Image Source : universetoday.com

शुक्र के सतह और वायुमंडल की अवस्था ठीक उसी तरह है जैसा की धार्मिक ग्रंथों में नरक का वर्णन मिलता है. वर्तमान तकनीक को देखते हुए शुक्र गृह पर उतरना असंभव है और अगर गए तो भी वहां से जिन्दा वापस नहीं आ सकते. इसीलिए अन्तरिक्ष में शुक्र की कक्षा में कृत्रिम उपग्रह से उसके वायुमंडल और सतह का अध्यन किया जाता है. indian venus mission

ये भी पढ़ें ज्यादा सेक्सी होना पड़ा काम पर भारी

क्या है योजना

indian venus mission
Image Source : thumbs-prod.si-cdn.com

भारत की अन्तरिक्ष संस्था इसरो अपने मून और मार्स मिशन की अद्वितीय सफलता के बाद शुक्र पर भी एक कक्षीय यान भेजना चाहती है जिसका वजन लगभग 1500 किलोग्राम होगा जिसे इसरो के PSLV-xl रॉकेट द्वारा भेजा जायेगा. जो की शुक्र गृह के कक्षा में रहकर उसकी तस्वीरें और वायुमंडल सम्बन्धी आकड़े धरती पर भेजेगा. इसके लिए भारत सरकार ने बजट भी पास कर दिया है. इसे सन 2020 तक लांच करने की योजना है.indian venus mission

ये भी पढ़ें बारिश में भीगने से बचाएगा अब बाइक अम्ब्रेला , जाने …..

4 देश ही हुए है सफल

indian venus mission
Image Source : n2yo.com

ये भी पढ़ें ये मछली थी इतिहास में सबसे बड़ी समुद्री शिकारी, जानें

रॉकेट विज्ञान सबसे कठिन विषय है वहीं अंतरग्रही मिशन को अंजाम देना बहुत ज्यादा कठिन काम है इसीलिए अब तक इसमें अमेरिका, रूस, यूरोप और जापान ही सफलतापूर्वक मिशन पूरा कर पाए है. खास बात यह है कि जमीनी मिशन के लिये भेजे गए अधिकतर मिशन वायुमंडल में ही नष्ट हो गए जबकि उन्हें सबसे मजबूत धातु टाइटेनियम से बनाया गया था. indian venus mission

 

loading...
(Visited 129 times, 1 visits today)

Related posts:

क्या चंद्रमा पर बियर बनाई जा सकती है ?
ओह्ह तेरी ! दुनिया की सबसे बड़ी बैटरी बनायेगी टेस्ला......
जानवर अब नहीं कर पाएंगे फसल बर्बाद, IIT मद्रास के छात्रों ने इज़ात की ग़जब की तकनीक
Samsung galaxy note 8 का ये नया फीचर देगा iPhone7 को टक्कर
अल्कोहल के सहारे जीवित रह सकती हैं ये मछलियाँ , जाने
इन स्मार्टफ़ोन की कीमतों में हुई 3000 रूपये से लेकर 25000 तक की गिरावट
रिलायंस Jio फोन में हर साल कराना पड़ेगा 1500 रूपये का रिचार्ज, नहीं तो छीन लेगी कंपनी
वर्ल्ड फ़ूड इंडिया में बन रही है 800 किलो खिचड़ी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Skip to toolbar