धर्मगुरुओं का हमारी अर्थव्यवस्था में योगदान

आज के धर्मगुरुओं का अध्यात्म के क्षेत्र में कितना योगदान है, यह एक बहुत बढ़ा बहस का विषय है. लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था में उनका योगदान कितना हैं, ये जानना हमारें लिए बहुत अहम हो चूका है. आज हम आपको बताने वाले हैं, धर्मगुरुओं का हमारी अर्थव्यवस्था में योगदान.

आपको बता दें कि सरकारी सूत्रों के मुताबिक रीयल स्टेट के आंकड़े तैयार करते वक्त पता चला था कि कई प्रोजेक्ट्स में एक धर्मगुरु का पैसा लगा हुआ है. उसके बाद एक अन्य सोर्स ने यह रहस्य खोला कि कुछ कंपनियों के शेयर भी एक बाबा के नाम थे. इसके बाद सोचा गया कि क्यों न इन धर्मगुरुओं के निवेश का पता लगाया जाए.

जैसे ही इस आईडिया पर अमल किया तो एक एजेंसी को इस काम में लगाया गया, जिसने एक निजी सर्वेक्षण संस्थान के सहयोग से इसका पता लगाया. इस मंदी के दौर में जहां कई सेक्टर कमजोर पड़ गए हैं, तब भी इन धर्मगुरुओं की कमाई पर कोई असर नहीं पड़ा, लोग-वाग इन पर खूब पैसे लुटाते रहे.

आपको बता दें कि इन धर्मगुरुओं के कारण कई इंडस्ट्रीज और सर्विस सेक्टर को बहुत ज्यादा लाभ पहुंच रहा है. लोग अलग-अलग जगह इनके दर्शन के लिए पहुंचते हैं. इनके अलग-अलग हिस्से पर जाने से रेलवे के अलावा राज्यों के परिवहन निगमों को अच्छा खासा लाभ होता है. इनके साथ टैक्सी वाले, होटल और रेस्टोरेंट वाले भी खूब कमा लेते हैं.

कुछ धर्मगुरु दर्शन के लिए सीधे कैश ले रहे हैं जिसका वे इन्वेस्टमेंट अलग-अलग क्षेत्रों में कर रहे हैं. इसके अलावा कई गुरु के लिए प्रसाद, मिठाई और अगरबत्ती या अन्य चीजों की वजह से रिटेल सेक्टर को खूब लाभ मिल जाता है. यदि देखा जाए तो कुल मिलाकर भारत की अर्थव्यवस्था में धर्मगुरुओं का योगदान महत्वपूर्ण है.

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Brajendra Sharma

नमस्ते, मैं एक हिन्दी ब्लॉगर हूँ और मुझे देशी-विदेशी, करियर, से जुड़ी स्टोरीज लिखना अच्छा लगता हैं एवं मुझे ऐसी स्टोरीज लिखना भी पसंद है जो आपको अच्छी लगें. इसलिए आप मुझें comment करके बता सकते हैं.

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