आर्म्स एक्ट का 2 लाइन मे फैसला, सलमान 18 साल पुराने केस से बरी

कोर्ट केस और सलमान का पुराना नाता रहा है। हाल ही मे सलमान काले हिरन मामले के साथ दर्ज हुए आर्म्स एक्ट के केस से रिहा हो गए हैं।

काले हिरन के शिकार से जुड़े 4 मामले सलमान पर दर्ज हुए थे। जिसमे से एक अवैध हथियार रखने और उससे शिकार करने का मामला था।

जोधपुर की अदालत ने 18 साल पुराने इस मामले पर फैसला सुनकर सलमान को बरी कर दिया है।

18 साल पुराना है मामला

यह मामला 1998 मे फिल्म “हम साथ-साथ हैं” की शूटिंग के समय का है। तब सलमान के साथ फ़िल्म शूटिंग के लिए सैफ अली ख़ान, सोनाली बेंद्रे, नीलम और तब्बू भी थे।

आर्म्स के साथ सैफ और सलमान

 

इन लोगो पर भी सलमान को उकसाने का मामला दर्ज है।कोर्ट ने आर्म्स एक्ट के तहत फ़ैसला सुनाया है।सलमान ख़ान पर शिकार के दौरान अवैध हथियार रखने का मामला था।

इससे पहले 2007 में सलमान जोधपुर जेल में सात दिन रहे थे। बाद में उन्हें अदालत ने ज़मानत पर रिहा कर दिया था।

इस केस मे सलमान के वकील ने कहा कि सलमान के पास बन्दूक होने का कोई सबूत नही है। सलमान ने भी कहा कि उन्हें फसाया गया है।

इस केस से जुडी प्रमुख तारीखें

15 अक्तूबर, 1998: वन विभाग ने सलमान ख़ान के ख़िलाफ़ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। वन विभाग ने कहा कि सलमान ने जिस हथियार का इस्तेमाल किया उसका लाइसेंस ख़त्म हो गया था।

इस हथियार से एक और दो अक्तूबर की रात सलमान पर अवैध शिकार का आरोप लगा था।

18 दिसंबर, 2014: इस आर्म्स केस में सलमान ख़ान के उस आवेदन को कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने डीएसपी और मुंबई के डीएम को आर्म्स केस में गवाह के तौर पर बुलाने की अनुमति मांगी थी।

25 फरवरी, 2015: कोर्ट ने फ़ैसले को टालते हुए चार लंबित आवेदनों को अभियोजन पक्ष से पेश करने का निर्देश दिया।

3 मार्च, 2015: जोधपुर कोर्ट ने नए ग़वाहों, दस्तावेजों और सबूतों को पेश करने की अनुमति दी।

23 अप्रैल, 2015: मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट ने ख़ान के वकील के आवेदन को स्वीकार कर लिया, जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर सलमान ख़ान के कोर्ट में पेश होने से छूट मांगी थी।

29 अप्रैल, 2015: राजस्थान हाई कोर्ट ने सलमान ख़ान को हिरन अवैध शिकार मामले में इस तर्क पर बरी कर दिया कि अभियोजन पक्ष आरोप को साबित करने में नाकाम रहा।

27 अक्तूबर, 2015: राजस्थान हाई कोर्ट ने सलमान ख़ान की उस याचिका को मंजूरी दे दी, जिसमें उन्होंने अपने ख़िलाफ़ आर्म्स एक्ट से जुड़े दस्तावेजों की मांग की थ।

11 नवंबर, 2016: राजस्थान की अपील पर सलमान ख़ान को चिंकारा शिकार मामले में बरी किए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट से नोटिस मिला।

9 दिसंबर, 2016: केस पर आख़िरी सुनवाई शुरू

18 जनवरी, 2016: जोधपुर अदालत ने सलमान ख़ान को बरी कर दिया।

इनके अलावा भी मामले

सलमान ख़ान को विलुप्तप्राय चिंकारा मारने के दो मामलों में राजस्थान हाई कोर्ट पहले ही बरी कर चुका है। हालांकि इस फ़ैसले को राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

पिछले साल मार्च में बॉम्बे हाई कोर्ट ने हिट-एंड-रन मामले में पांच साल की जेल की सज़ा को ख़ारिज करते हुए उन्हें बरी कर दिया था।

निचली अदालत ने 2002 मे सड़क फूटपाथ पर लोगो को कुचलने के मामले मे उन्हें दोषी ठहराया था। अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट मे है।

source- bbc.com/hindi

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