ये हैं रियल लाइफ के ‘पा’ , सरकार ने एक दिन के लिए बनाया चाइल्ड कमीशन का चेयरमैन

अभिनेता अमिताभ स्टारर फ़िल्म ‘पा’ तो आपने देखी होगी जिसमें अमिताभ बच्चन ने 12 साल के एक ऐसे बच्चे का किरदार जीवंत किया था जो कि लाइलाज बीमारी ‘प्रोजेरिया’ से पीड़ित था. पर आप कभी किसी ऐसे बच्चे से मिलें है जो इस तरह की बीमारी से ग्रस्ति हो . ये हैं रियल लाइफ के ‘पा’ , जाने  ….

 ये हैं रियल लाइफ के ‘पा’ , जाने  ….

हाल ही में मध्य सरकार ने 10 वर्षीय श्रेयश बारमाटे को V.V.I.P ट्रीटमेंट मुहिया कराया है और साथ ही एक दिन के लिए चाइल्ड कमीशन का चेयरमैन बनाया है. इसके बाद श्रेयश काफ़ी ज्यादा में सुर्खियों में आ गये हैं और हर कोई उनके बारे में जानना चाहता है.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ श्रेयश

आइये जानते हैं  कौन हैं श्रेयश बारमाटे ?

श्रेयस बारमाटे मूल रूप से जबलपुर से हैं। वे जबलपुर के प्राइड काॅन्वेट स्कूल में पांचवी के स्टूडेंट हैं। वे जब चार माह के थे तब उनके शरीर में अचानक बदलाव आया और उन्हें प्रोजेरिया जैसी गंभीर और लाइलाज बीमारी ने अपनी गिरफ्त में ले लिया।  श्रेयस की माँ मनीषा का कहना है कि हमें ऐसा बेटा पाकर गर्व है। हमें ज्यादातर लोग श्रेयस के मम्मी-पापा के तौर पर पहचानते हैं।

ये हैं रियल लाइफ के ‘पा’ , जाने  ….

माता-पिता के साथ श्रेयश

अपने टीचर्स के सबसे चहेते स्टूडेंट को मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ.राघवेन्द्र शर्मा ने एक दिन का प्रेसिडेंट नियुक्त किया गया। इस दौरान वे पूरे आत्मविश्वास के साथ इस ज़िम्मेदारी को दिनभर निभाते रहे। वे तीनों सत्रों में दिन भर मौजूद रहे। उन्होंने ठाठ से अध्यक्षता करते हुए खुलकर अपने विचार भी रखे। यहां तक कि आयोग के अध्यक्ष राघवेंद्र शर्मा को भी आदेश दिए.

इधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को जैसे ही इस ख़बर का पता चला तो वे तुरंत इस कार्यक्रम में पहुंचे। इसके बाद उन्होंने श्रेयस की तीन सिफारिशों को मंजूर किया। जिसमें उनके जैसे बच्चों के इलाज की जिम्मेदारी सरकार द्वारा उठाने का फैसला भी शामिल है। बताते हैं कि इस दौरान सीएम श्रेयश के प्रेसिडेंट वाले तेवर देखकर हैरान थे।

अध्यक्ष पदभार सँभालने के बाद श्रेयश ने भोपाल घूमने की इच्छा व्यक्त की थी। इसके बाद उन्हें लाल बत्ती गाड़ी से घुमाया गया।  मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ.राघवेन्द्र शर्मा का कहना हैं कि श्रेयस गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। उनके जैसे बच्चों को खुशी देने के लिए ही हमने श्रेयस को एक दिन के लिए आयोग का अध्यक्ष बनाया।

एक दिन का प्रेसिडेंट बनने के बाद श्रेयस ने मीडिया के सवालों का जवाब भी शानदार तरीके से दिया। उन्होंने इसी दौरान अपने प्रस्ताव रखें। जिसे बाद में सीएम ने मंजूर किया

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Rajdeep Raghuwanshi

नमस्ते , मैं एक प्रोफेशनल ब्लॉगर हूँ और मुझे एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और ह्यूमर पर लिखना पसंद है !

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