पलभर में ही आखों ओझल से हो जाता है ये प्लेन

द्वितीये विश्वयुद्ध के बाद से ही पूरी दुनिया में सयुंक्त राज्य अमेरिका का दबदबा रहा है चाहे बात अर्थव्यवस्था की हो या तकनीक की. आज जहाँ दुनियाभर के देश है, अमेरिका उससे कहीं आगे रहता है इसका मुख्य कारण वहां के लोगों का आत्मनिर्भर देशभक्त होना है. जहाँ अन्य देशों की सेनायें लड़ाकू विमान बनाने के लिए भारी रकम खर्च कर रहीं है वहीँ अमेरिका की सेनायें कई उन्नत विमानों को रिटायर कर चुकी है. अमेरिका ने 1964 में ही इतने उन्नत विमान का निर्माण कर लिया था जिसे कई विकसित देश अभी भी दूर की कौड़ी मानते है. तो अब हम आपको बताएँगे एक ऐसे लड़ाकू विमान के बारे में जो पलभर में ही आखों से ओझल हो जाता है.SR-71 blackbird

SR-71 blackbird

SR-71 blackbird
Image Source : i.ytimg.com

इस जहाज का नाम है लॉकहीड मार्टिन SR-71 blackbird जिसे अमेरिका की सरकारी विमान निर्माता कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने सन 1964 में बनाया था. यह अमेरिकी एयरफोर्स में सन 1966 से 1998 तक अपनी सेवाएं देता रहा. इस विमान को आवाज से भी 3 गुना अधिक रफ़्तार से उड़ाया जा सकता है. इस तरह के कुल 32 फाइटर ही बनाये गए थे. इसकी सबसे खास बात यह है की अगर इसे सीधा खड़ा करके उड़ाया जाए तो यह पृथ्वी की लोअर अर्थ ऑर्बिट (LEO) को भी पार कर जायेगा. इसका प्रमुख कारण इसमें टर्बोफेन इंजन की जगह रैमजेट इंजन लगाये गए थे.

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पहला स्टील्थ फाइटर था 

SR-71 blackbird
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यह दुनिया का पहला रडार भेदी तकनीक पर आधारित लड़ाकू विमान था. जिसे 24 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ाया जाता था. इसे काले रंग से पेंट किया गया ताकि युद्ध के समय यह रात में दिखाई न दे इसिलिये इसे ब्लैकबर्ड नाम दिया गया. इसे किसी भी तरह से ट्रैक करना टेड़ी खीर साबित होता है क्योंकि जब तक ये राडार पर आता है उससे पहले ही बहुत दूर चला जाता है.

अमेरिका के पास नहीं था टाइटेनियम तब भी बनाया

SR-71 blackbird
Image Source : covertwarfare.com

SR-71 blackbird

इसे बनाने में ज्यादातर टाइटेनियम धातु का उपयोग किया गया परन्तु उस समय टाइटेनियम का सबसे बड़ा निर्यातक देश सोवियत संघ ही था जो कि अमेरिका का सबसे बड़ा दुश्मन था इसीलिए अमेरिका की सरकारी खुपिया एजेंसी सीआईए ने दुनिया भर में फर्जी कंपनियाँ बनाकर टाइटेनियम खरीदा और इन विमान के निर्माण में सहयोग किया. इसके अलावा इसके शीशे 2 इंच मोटे क्वार्टज़ से बनाये गए थे क्योंकि अधिक गति के कारण इसका बाहरी तापमान 400 डिग्री सेल्सियस तक हो जाता है जिससे विंड स्क्रीन टूट सकती थी.

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खास विमान के लिए खास पायलट

SR-71 blackbird
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इसे उड़ाने वाले पायलट के लिए भी सीमाए निर्धारित की गयी थी जो एक अन्तरिक्ष यात्री की सीमाओं से भी अधिक थी. इस प्लेन का क्रू मेंबर बनने के लिए उम्र 25 से 40 वर्ष निर्धारित की गयी थी इसके अलावा क्रू मेंबर शादीशुदा होना चाहिए जिसका अपने इमोशन पर पूरा नियंत्रण हो साथ ही जो बिना प्रेशर शूट के 6G का दबाब सहन कर सके.SR-71 blackbird

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प्रेशर शूट भी है खास

SR-71 blackbird
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इसके पायलट के लिए एक स्पेशल मास्क होता है जो ऊपरी आसमान में कम वायुमंडल में भी पायलट को ऑक्सीजन उपलब्ध करा सके साथ ही शूट भी स्पेस शूट जैसा ही होता है. क्योंकि साधारण फाइटरजेट्स जमीन से 15 किलोमीटर ही ऊपर तक उड़ सकते है जबकि यह 24 किलोमीटर से भी अधिक ऊंचा उड़ सकता है. जहाँ दबाब और वायुमंडल बहुत कम होता है.SR-71 blackbird

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तोड़ चुका है कई रिकार्ड्स 

SR-71 blackbird
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इस प्लेन ने कई रिकॉर्ड स्थापित किये जो आज तक नहीं टूट पाए है. इस प्लेन का सर्वाधिक ऊँचाई पर उड़ने का रिकॉर्ड है जो की समुद्री सतह से 25929 मीटर ऊँचा उड़ने का है जिसे 28 जुलाई 1976 को रिकॉर्ड किया गया था उसी दिन इसने सबसे तेज़ उड़ने का भी कीर्तिमान स्थापित किया था जो की 3529.6 किलोमीटर प्रति घंटा है. यह अब तक के किसी भी विमान द्वारा भरी गयी सबसे तेज उड़ान है. इसके इतनी तेज उड़ने के बावजूद भी इसकी कॉकपिट इतनी शांत रहती है की आप सिक्के के गिरने की आवाज भी सुन सकते है. इसे अब तक किसी भी मिसाइल या हथियार द्वारा नष्ट नहीं किया जा सका है.SR-71 blackbird

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दुनिया के सबसे रहस्यमय स्थान पर की गयी थी टेस्टिंग

SR-71 blackbird
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इस प्लेन की ख़ास बात यह है की इस प्रोजेक्ट में नासा की भी भागीदारी थी साथ ही इसकी टेस्टिंग दुनिया में सबसे रहस्यमय माना जाने वाले एरिया-51 में की गयी थी. इसके टायर भी एल्युमीनियम मिश्रित पदार्थ से बनाये गए ताकि उड़ान भरने और लैंडिंग के समय पहियों में आग न लग जाए.

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