जब अंपायर के विरोध में मैदान से बाहर हो गयी श्रीलंका टीम

क्रिकेट में खिलाडियों और अंपायर के बीच छोटी-मोटी नोकझोंक तो होती ही रहती है. किसी न किसी फैसलें पर दोनों में थोडा विरोध आ ही जाता है, लेकिन 1999 में कुछ ऐसा हुआ कि पूरी श्रीलंकन टीम ही मैदान से बाहर चली गयी. यह वाकया मुरलीधरण की गेंदबाजी के कारण हुआ.

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दरअसल 1995-96 में ऑस्ट्रेलिया में मुरलीधरण की गेंदबाजी को नो बॉल करार दिया गया. इसके बाद उनके बोलिंग एक्शन की जांच की गयी उसके बाद उन्हें बोलिंग करने की इजाज़त दे दी गयी. होंगकोंग में उनके एक्शन को सही पाया गया और उन्हें बोलिंग की अनुमति मिली. इसके 3 साल बाद जब श्रीलंका फिर से ऑस्ट्रेलिया गयी तो मुरलीधरण की बॉल को नो बॉल करार दे दिया गया.

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1999 में ऑस्ट्रेलिया में ट्राई सीरीज के दौरान श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच मैच खेला जा रहा था. इस मैच में रोड इमरसन अंपायरिंग कर रहे थे और मैच के बीच में उन्होंने मुरलीधरन की एक गेंद को नो बॉल दे दिया. अंपायर के इस फैसले से श्रीलंका के कप्तान अर्जुन रणतुंगा काफी नाराज हो गए, जिस वजह से काफी देर तक अंपायर के साथ उनकी बहस भी हुई. इसके बाद रणतुंगा अपनी टीम के साथ मैदान से बाहर चले गये और मैच न खेलने को कहा. लेकिन फिर श्रीलंका बोर्ड के समझाने पर अर्जुन अपनी टीम के साथ वापिस आ गये.

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