जानवरों में शोक की ये प्रवृति आपको भी रुला देगी

अपने क़रीबी की मौत का सदमा सिर्फ इन्सान को ही नही लगता , इंसान से कई गुना ज्यादा शोक और दुःख की प्रवृति जानवरों में पाई जाती है. जानवर भी अपने साथी की मौत से टूट जाते हैं, कई दिनों तक खाना पीना त्याग देते हैं , अपने साथी के शोक में फूटफूट कर रोते हैं. तो आइये जानते हैं इन जानवरों की शोक की कुछ प्रवृति के बारे में जो कि आपका भी दिल पिघला देगी. तो  आइये जानते  हैं  जानवरों में शोक की ये प्रवृति आपको भी रुला देगी !

कुत्ता 

इन्सान का सबसे चहता और बफादार साथी होता है कुत्ता . ये जानवर इन्सान से इतना घुल मिल जाता है जैसे घर का कोई अन्य सदस्य इसलिए कुत्ते की मौत का दुःख इन्सान को उतना ही होता है जितना की घर के किसी सदस्य के मौत के बाद होता है और ये बात भी सत्य है कि इन्सान के मरने पर कुत्ते को भी उतना ही दुःख होता है जितना कि किसी इन्सान को  . कुत्तों में भी शोक की प्रवृति इंसान के बराबर होती है . अपने मालिक की मौत के बाद कुत्ता भी घर के अन्य सदस्य की तरह शोक में डूब जाता है , खाना पीना छोड़ देता है . घंटों तक अकेले अपने मालिक की कब्र के पास बैठा रहता है.

जानवरों में शोक की ये प्रवृति आपको भी रुला देगी ….

बन्दर

बंदरों में शोक की प्रवृति इंसानों के अपेक्षा ज्यादा होता है . परिवार में किसी की मौत होने पर बंदर बहुत ही ज्यादा भावुक हो जाते हैं. वैज्ञानिकों के मुताबिक उनके खून में तनाव संबंधी हॉर्मोन बहुत ही ज्यादा बढ़ जाता है. साथी की अंतिम यात्रा निकालने के बाद भी वे कई दिनों तक एक दूसरे से चिपटकर सदमे से निपटते हैं.

जानवरों में शोक की ये प्रवृति आपको भी रुला देगी ….

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हाथी

हाथी जबदरस्त याददाश्त वाले होते हैं, लेकिन झुंड में किसी को मौत हो जाए तो सारे हाथी शोक में डूब जाते हैं. वह काफी समय तक शव की देखभाल करते हैं, उसे जगाने की कोशिश करते हैं. जवान हाथी की मौत होने पर दूसरे झुंड के हाथी भी शोक जताने पहुंचते हैं. झुंड कुछ साल बाद भी मृतक की हड्डियों के पास पहुंचता है

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डोल्फिन और अन्य मछली

विशालकाय व्हेल, डॉल्फिन और अन्य समुद्री स्तनधारी भी अपने करीबी के शव को कई दिन तक साथ रखते हैं. शव को डूबने से बचाने के लिए वो नीचे से अपनी पीठ का सपोर्ट देते हुए तैरते हैं. कुछ महीनों तक ऐसा करने के बाद आखिकार शव डूब जाता है. करीबी की मौत होने पर मछलियां भी एक ही जगह स्थिर हो जाती हैं. एक्वेरियम में किसी मछली के मरने के बाद दूसरी मछलियों का स्ट्रेस हार्मोन बढ़ जाता है, वे कुछ दिन तक अलग व्यवहार करती हैं.

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परिंदे भी अपने पार्टनर की मौत का शोक मानते हैं

जानवरों में शोक की ये प्रवृति आपको भी रुला देगी
Image Source : flickr.com

झुंड के कौव्वे की मौत होने पर बाकी साथी शव को घेर लेते हैं और कुछ समय के लिए खाना पीना छोड़ देते हैं. जोड़ा बनाकर रहने वाले पंछियों में से अगर एक की मौत हो जाए तो दूसरा परिंदा भी खाना पीना छोड़ देता है. बत्तख और गाने वाले कुछ पक्षी तो भोजन त्यागकर जान भी दे देते हैं.

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Rajdeep Raghuwanshi

नमस्ते , मैं एक प्रोफेशनल ब्लॉगर हूँ और मुझे एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और ह्यूमर पर लिखना पसंद है !

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