हिंदी दिवस पर जाने इन फिल्मों से हिंदी का महत्व

आज हिंदी दिवस है. हिंदी दिवस के मौके पर हिंदी भाषा की महानता की कई तरह से बात की जा रही है. हिंदी हमारे देश की एक प्रमुख भाषा है अधिकतर लोग हिंदी का ही इस्तेमाल करते हैं. लेकिन कुछ समय से लोग हिंदी से हटकर अंग्रेजी भाषा को बोलने में मान समझते हैं.

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इस मौके पर जानते हैं उन फिल्मों के बारे में जिन्हें देखकर हिंदी बोलने पर गर्व महसूस होता है.

गोलमाल-

1979 में रिलीज़ हुई फिल्म गोलमाल में अमोल पालेकर और उप्पल दत्त ने कॉमेडी का एक अलग स्वरूप प्रस्तुत किया है. उप्पल दत्त ये ठान कर बैठते हैं की अपने ऑफिस में किसी हिंदी के ज्ञानी को ही नौकरी देंगे. इसी में डबल रोल निभाने वाले अमोल की कॉमेडी को लोग भूलें नहीं हैं. आखिरकर यह हिंदी की महानता को समझने के लिए काफी था.

चुपके-चुपके-

इस फिल्म में धर्मेन्द्र का हिंदी भाषी का रोल काफी पसंद किया गया था. हिंदी की महानता इस फिल्म से भी देखने को मिलती है. इसमें फिल्म में अमिताभ बच्चन और शर्मीला टैगोर भी हैं. इस फिल्म ने भी हिंदी की पहुँच बढाई  है.

नमस्ते लन्दन-

2007 में आई अक्षय कटरीना अभिनीत इस फिल्म के एक सीन ने ही हिंदी और हिंदुस्तान की श्रेष्ठता को बता दिया था. इस फिल्म में पंजाबी लड़का अपने प्यार के लिए लन्दन में भी भारत का डंका बजा आता है.

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इंग्लिश विन्ग्लिश-

2012 में आई फिल्म इंग्लिश विन्ग्लिश श्रीदेवी की कमबैक मूवी है. इस फिल्म में बताया गया था कैसे वह अंग्रेजी न जान पाने के कारण अपने परिवार के ताने सुनती है. लेकिन बाद में इंग्लिश सीखकर वो हिंदी और इंग्लिश दोनों की महानता बताती है.

हिंदी मीडियम-

हाल में रिलीज़ हुई इस फिल्म को काफी पसंद किया गया. इरफ़ान खान और सबा कमर की इस फिल्म में शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाया गया और यह भी बताया की अंग्रेजी और हिंदी के बीच किस तरह एक फॅमिली परेशान होती है. इस फिल्म को काफी सराहना भी मिली थी.

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