जानें, क्यों लगती है नशे की लत ?

नशा किसी भी तरह का हो, उसकी लत लग ही जाती है. कुछ लोग पहले अपनी मर्जी से कोई नशीला पदार्थ लेना शुरु करते हैं, लेकिन बाद में वो नशा उन्हें नहीं छोड़ता. तो आईये विज्ञान की नजर से जानने की कोशिश करते हैं कि कैसे लगती है नशे की लत ?

जानें, क्यों लगती है नशे की लत ?

असल में इन चीजों का सीधा असर इंसान के मस्तिष्क पर होता है. इनके कारण दिमाग के कुछ हिस्से प्रभावित होते हैं, जो बिल्कुल वैसी ही भावनाएं पैदा करते हैं जैसी लोगों को दूसरी खुशी देने वाले कामों से मिलती है जैसे कि कुछ अच्छा खाने से या कुछ अच्छा काम करने से, लेकिन अंतर ये है कि नशीले पदार्थों से पैदा होने वाली आनंद की ये भावना उसकी तुलना में कहीं ज्यादा प्रबल होती हैं.Addiction

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इनके कारण मस्तिष्क की कुछ कोशिकाओं से डोपामीन हॉर्मोन के रूप में कुछ रासायनिक संदेश भी निकलते हैं. यही वह चीज है जो और ज्यादा ड्रग्स लेने के लिए प्रेरित करता है. समय के साथ साथ यही डोपामीन का स्राव दिमाग में ऐसी उत्कट इच्छा पैदा करता है, जो कि कई बार नशा छोड़ने की कोशिश कर रहे लोगों को दुबारा अपनी चपेट में ले लेता है.Addiction

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ब्रेन सर्किट्स में कई नशीले पदार्थ ऐसे असर करते हैं कि सांसें धीमी चलने लगती हैं और उनींदापन सा महसूस होता है. बार बार नशा करने से दिमाग के यह सर्किट इस तरह के ढल जाते हैं कि ड्रग्स लेते समय इंसान काफी सामान्य महसूस करने लगता है.Addiction

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उस हाल में ऐसा होता है कि जब वो इंसान नशा नहीं करता है तो वह चिड़चिड़ा और परेशान सा हो जाता है. जहां से विड्रॉवल के लक्षणों की शुरुआत होती है. इससे लोगों का खुद पर से नियंत्रण धीरे धीरे कम होने लगता है. ऐसे में अगर वे कभी ना भी चाहें, तो उन्हें नशा करना पड़ता है.Addiction

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